Saturday, 28 August 2010

एक दिन हम आसमान

एक दिन हम आसमान को धरती पर ला देंगे
मजबूत हैं कितने हमारे इरादे ये सबको दिखा देंगे

इस देश की सरहद की तरफ बढ़ेगी जो बाजू
उसे एक दिन जिस्म से उखाड़ देंगे
इस देश की अमन चैन शांति को जो भी ललकारेगा
एक ना एक दिन वो खुद ही हारेगा
बुराई ना कभी आबाद हुई है ना ही कभी आबाद होगी
एक दिन मेरे सपनो के भारत की शुरुआत तो होगी

आतंक के साये तले जो अभी है हमारी ये खूबसूअरत कश्मीर वादी
कभी तो वहाँ फिर अमन चैन और खुशहाली होगी
रूकने ना पाएंगे अब ये बद्ते हुए कदम
जब तक है सांस चलती रहेगी आतंक के खिलाफ अपनी ये जंग
सरहदों से अपनी कभी ऊस पार हम ना जाएंगे
आएगा जो कभी इस ओर कोई तो उसका नामो निशान मिटा देंगे
एक दीं आसमान को धरती पर ला देंगे
मजबूत हैं कितने हमारे हौसले ये सबको दिखा देंगे


घर घर में शिक्षा का दीप हम जगाएँगे
हर किसी को शिक्षा मिले ये अपना इरादा है
अमन चैन शांति कर देंगे हर तरफ एक दिन
अपना सबसे ये वादा है
राह मुश्किल है मंज़िलें दूर् नही
आतंक के आगे घुटने टेक दें इतने हम भी कमजोर नही

हर किसी के चेहरे पर सुकून की मुस्कान ला देंगे
चाँद सितारों से एक दिन इस धरती को सजा देंगे
एक दिन आसमान को धरती पर ला देंगे
मजबूत हैं कितने अपने इरादे ये सबको दिखा देंगे