Monday, 30 August 2010

वो कौन है दुनियाँ मे जिसे गम नही होता

वो कौन है दुनियाँ मे जिसे गम नही होता
किस घर मे खुशी होती है मातम नही होता
वो कौन है दुनिया मे जिसे गम नही होता
ऐसे भी है दुनिया में जिन्हें गम नही होता
एक गम है हमारा जो कभी कम नही होता
वो कौन है दुनिया में जिसे गम नही होता
क्या सूरमाँ भरी आंखो से आसूँ नही गिरते
क्या मेहँदी लगी हाथों से मातम नही होता
वो कौन है दुनिया में जिसे गम नही होता
किस घर में खुशी होती है मातम नही होता
वो कौन है दुनिया में जिसे गम नही होता
कुछ और ही होती है बिगडनें के अदायेँ
बनने मे सवँरने में आलम नही होता
वो कौन है दुनिया में जिसे गम नही होता
किस घर में खुशी होती है मातम नही होता
वो कौन है दुनिया में जिसे गम नही होता